हाशिया

बीच सफ़हे की लड़ाई

हर्सोरिया हेल्थकेयर, गुड़गाँव के मजदूर संघर्ष कर रहे हैं, आपका साथ चाहिए

Posted by Reyaz-ul-haque on 4/27/2012 11:06:00 PM


हर्सोरिया हेल्थकेयर प्राइवेट लिमिटेड, गुड़गाँव में जारी आन्दोलन के बारे कल हमें साथी श्यामबीर से यह जानकारी प्राप्त हुई थी। 

विगत अप्रैल के से हर्सोरिया हेल्थकेयर प्राइवेट लिमिटेड, उद्योग विहार, फेज - 4, गुड़गाँव के 450-500 मजदूर अपने माँगों के समर्थन में कारखाने के परिसर के अंदर धरने पर बैठे.हुए हैं लेकिन कम्पनी प्रबन्धन या श्रम विभाग और जिला प्रशासन के कानों में जूँ नहीं रेंग रही है।

इस फैक्टरी में कुल 250 स्थायी श्रमिक, 300 ठेका श्रमिक और 50 अस्थायी श्रमिक कार्यरत हैं। ये आन्दोलनरत मजदूर अपने यूनियन के तीन नेताओं की सेवाओं की समाप्ति और 10 श्रमिकों के निलंबन के खिलाफ विरोध प्रकट कर रहे हैं। इन नेताओं में से दो की सेवाओं को दिसम्बर, 2011 में समाप्त किया गया, जबकि एक अन्य को फरवरी, 2012 में निकाल दिया गया था। आन्दोलनकारी श्रमिकों की  माँगों में दीपावली बोनस का भुगतान और अस्थायी एवं ठेका श्रमिकों की सेवाओं को नियमित किया जाना शामिल हैं। ये मजदूर उनके विभागों में लगातार और मनमाने परिवर्तन, वेतन के भुगतान में देरी, काम की तीव्रता में लगातार बढ़ोत्तरी और कम्पनी की सेवा में 4 साल के पूरा होने पर 1500 रुपये प्रति माह के वफादारी बोनस का भुगतान न होने का भी विरोध कर रहे हैं।

इस कारखाने में  अप्रैल 2011 में हड़ताल हुई थी जब प्रबन्धन ने 7 मजदूरों को बर्खास्त कर दिया था जिनमें से 6 को वार्ता के पश्चात वापस ले लिया गया था। इनमें से तीन मजदूरों की सेवाओं को फिर से समाप्त कर दिया गया है। अप्रैल 2011 की हड़ताल के दौरान हड़ताली मजदूरों के खिलाफ बर्बर लाठी चार्ज किया गया था और 7 मजदूरों को गिरफ्तार कर उन्हें विभिन्न मामलों में फँसाया गया था जिसमें से एक कारखाने के गेट पर यूनियन का झण्डा फहराने से सम्बन्धित है। करीब 21 लोगों को ऐसे ही झूठे मामलों में फँसाया गया है। मजदूर इन मुकदमों को वापस लिए जाने की माँग कर रहे हैं।  इस बीच  कम्पनी प्रबन्धन 100 अन्य  मजदूरों की सेवाओं की समाप्ति का आदेश जारी कर दिया है। कम्पनी प्रबन्धन भी घोषित किया है कि वह कम्पनी के परिसर के भीतर स्थायी श्रमिकों को देखना नहीं चाहता है।

Related Posts by Categories



Widget by Hoctro | Jack Book
  1. 0 टिप्पणियां: Responses to “ हर्सोरिया हेल्थकेयर, गुड़गाँव के मजदूर संघर्ष कर रहे हैं, आपका साथ चाहिए ”

सुनिए : ऐ भगत सिंह तू जिंदा है/कबीर कला मंच


बीच सफ़हे की लड़ाई


“मुझे अक्सर गलत समझा गया है। इसमें कोई संदेह नहीं होना चाहिए कि मैं अपने देश को प्यार करता हूँ। लेकिन मैं इस देश के लोगों को यह भी साफ़ साफ़ बता देना चाहता हूँ कि मेरी एक और निष्ठा भी है जिस के लिए मैं प्रतिबद्ध हूँ। यह निष्ठा है अस्पृश्य समुदाय के प्रति जिसमे मैंने जन्म लिया है। ...जब कभी देश के हित और अस्पृश्यों के हित के बीच टकराव होगा तो मैं अस्पृश्यों के हित को तरजीह दूंगा। अगर कोई “आततायी बहुमत” देश के नाम पर बोलता है तो मैं उसका समर्थन नहीं करूँगा। मैं किसी पार्टी का समर्थन सिर्फ इसी लिए नहीं करूँगा कि वह पार्टी देश के नाम पर बोल रही है। ...सब मेरी भूमिका को समझ लें। मेरे अपने हित और देश के हित के साथ टकराव होगा तो मैं देश के हित को तरजीह दूंगा, लेकिन अगर देश के हित और दलित वर्गों के हित के साथ टकराव होगा तो मैं दलितों के हित को तरजीह दूंगा।”-बाबासाहेब आंबेडकर


फीड पाएं


रीडर में पढें या ई मेल से पाएं:

अपना ई मेल लिखें :




हाशिये में खोजें