आंतरिक सुरक्षा के लिए खतरा बनते हुए
Posted by Reyaz-ul-haque on 3/30/2010 08:34:00 PMउपन्यासकार, कार्यकर्ता, पत्रकार और आंतरिक सुरक्षा के लिए खतरा?
अरुंधति राय ने इस बातचीत में भारत के केंद्र में स्थित जंगलों में माओवादी क्रांतिकारियों से मिलने और बात करने के लिए किए गए की गई यात्रा के बारे में बताया है. राय यहां लारा को प्रतिरोध और संघर्ष, युद्ध और उपनिवेशवाद के बारे में बता रही हैं. वे बता रही हैं कि आप गोलियों से एक विचारधारा की हत्या नहीं कर सकते और किस तरह हम सभी आंतरिक सुरक्षा के लिए खतरा बन गए हैं. इस वीडियो को हमने जीआरआई टीवी से लिया है.
काउंटरकरेंट्स से साभार
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