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बीच सफ़हे की लड़ाई

डा विनायक सेन की रिहाई की मांग करते हुए अपील भेजें राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री के नाम

Posted by Reyaz-ul-haque on 5/15/2008 12:49:00 AM

डा विनायक सेन की रिहाई की मांग की एक अपील राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, छत्तीसगढ के मुख्यमंत्री, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग और छत्तीसगढ के मुख्य सचिव को भेजने के लिए नीचे दिये गये लिंक पर क्लिक करें.

डा विनायक सेन को रिहा किया जाये.

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  1. 3 टिप्पणियां: Responses to “ डा विनायक सेन की रिहाई की मांग करते हुए अपील भेजें राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री के नाम ”

  2. By swapandarshi on May 15, 2008 at 6:48 AM

    thanks for links.

  3. By विनीत कुमार on May 16, 2008 at 12:13 AM

    लिंक देकर बहुत अच्छा किया....

  4. By Kapil on April 19, 2009 at 6:27 PM

    डा. विनायक सेन की रिहाई के लिए जस्टिस कृष्‍णा अय्यर की 17 अप्रैल 2009 को प्रधानमंत्री के नाम एक अपील जारी हुई है। हिन्‍दू में इस अपील का मुख्‍य अंश छपा था। इसका मैंने हिन्‍दी में अनुवाद करके अपने ब्‍लॉग (http://andarkeebaat.blogspot.com) पर डाला है। आप देखें और चाहे तो नेट पर डाल सकते हैं।

सुनिए : ऐ भगत सिंह तू जिंदा है/कबीर कला मंच


बीच सफ़हे की लड़ाई


“मुझे अक्सर गलत समझा गया है। इसमें कोई संदेह नहीं होना चाहिए कि मैं अपने देश को प्यार करता हूँ। लेकिन मैं इस देश के लोगों को यह भी साफ़ साफ़ बता देना चाहता हूँ कि मेरी एक और निष्ठा भी है जिस के लिए मैं प्रतिबद्ध हूँ। यह निष्ठा है अस्पृश्य समुदाय के प्रति जिसमे मैंने जन्म लिया है। ...जब कभी देश के हित और अस्पृश्यों के हित के बीच टकराव होगा तो मैं अस्पृश्यों के हित को तरजीह दूंगा। अगर कोई “आततायी बहुमत” देश के नाम पर बोलता है तो मैं उसका समर्थन नहीं करूँगा। मैं किसी पार्टी का समर्थन सिर्फ इसी लिए नहीं करूँगा कि वह पार्टी देश के नाम पर बोल रही है। ...सब मेरी भूमिका को समझ लें। मेरे अपने हित और देश के हित के साथ टकराव होगा तो मैं देश के हित को तरजीह दूंगा, लेकिन अगर देश के हित और दलित वर्गों के हित के साथ टकराव होगा तो मैं दलितों के हित को तरजीह दूंगा।”-बाबासाहेब आंबेडकर


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