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बीच सफ़हे की लड़ाई

इन गंदे नेपकिनों को निपटाना ज़रूरी हो गया है

Posted by Reyaz-ul-haque on 11/05/2007 01:14:00 AM

हिंदुत्ववादी फ़ासिस्ट संगठन न सिर्फ़ अपने विरोधियों की ज़ुबान खामोश करना चाहते हैं, बल्कि उन लोगों की भी जो इन फ़ासिस्टों की करतूतों को सामने लाते रहे हैं, लोगों तक पहुंचाते रहे हैं. इस सिलसिले में ताजा घटना दिल्ली की है, जहां आह्वान और नौजवान भारत सभा के कार्यालय पर आकर इन संगठनों ने धमकी दी. हम लोग, जो आज़ादी, जनवाद और मानवाधिकारों के लिए लगातार संघर्षरत हैं, इसके खिलाफ़ तीव्र प्रतिरोध दर्ज़ कराते हैं. हमारे समाज के ये गंदे नेपकिन हैं (राहुल भाई, आभार आपका) जिन्हें निपटाया जाना शेष है. हमारी पूरी सहानुभूति आह्वान और नौभास के साथियों के साथ है. इस घटना के बाद आज शाम को यह मेल मुझे प्राप्त हुआ.प्रस्तुत है यह मेल, पूरा का पूरा.


प्रिय साथी,
हम आपको एक गंभीर घटना के प्रति सतर्क कर रहे हैं!
आज सुबह (रविवार, 4 नवबंर, 2007) बजरंग दल के करीब 35-40 कार्यकर्ताओं ने
नौजवानों की पत्रिका 'आह्वान` और नौजवान भारत सभा के करावल नगर, दिल्ली स्थित
कार्यालय पर आकर धमकी दी कि यदि नौजवान भारत सभा ने अपना अभियान बंद नहीं
किया तो इसके गंभीर नतीजे होंगे.
नौभास और दिशा छात्र संगठन ने गुजरात में सांप्रदायिक फासिस्टों की घृणित करतूतों
के नये खुलासे के बाद इस मुद्दे पर निकाले गये परचे के साथ विभिन्न इलाकों में सभाएं
और सघन जनसपंर्क करते हुए व्यापक अभियान चला रखा है. बजरंग दल और संघ
परिवार के लोग इसी से बौखलाए हहुए हैं.
दिशा और नौभास हिंदू फासिस्टों की तमाम धमकियों के बावजूद इस मुहिम को जारी
रखने के लिए दृढ संकल्प हैं. हम आपको इस घटना की जानकारी दे रहे हैं क्योंकि हमें
पता चला है कि बौखलाहट में ये तत्व 'आह्वान` और 'नौजवान भारत सभा` के कार्यालय
पर हमला करने की योजना बना रहे हैं. सभी जानते हैं कि तर्क करने में इनका कोई
विश्वास नहीं होता और साजिशाना तरीके से भावनाएं भडक़ा कर भीड़ की ताकत से हमला
करना ही इनका तरीका होता है.
यदि कोई भी ऐसी घटना होती है तो हम आपको अविलंब सूचना देंगे. हमें विश्वास है कि
आप इसे लोगों तक पहुंचाने में सहयोग करेंगे और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की इस लड़ाई
में हमारे साथ खड़े होंगे.
आपके,
अभिनव, दिशा छात्र संगठन
9213243755, 9999379381

आशीष, नौजवान भारत सभा
9211662298

__________________________________________________

सपंर्क : बी-100, मुकुंद विहार, करावल नगर, दिल्ली-110094

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  1. 1 टिप्पणियां: Responses to “ इन गंदे नेपकिनों को निपटाना ज़रूरी हो गया है ”

  2. By संजय बेंगाणी on November 5, 2007 at 10:32 AM

    मेरी शुभकामनाएं आपके साथ है.

सुनिए : ऐ भगत सिंह तू जिंदा है/कबीर कला मंच


बीच सफ़हे की लड़ाई


“मुझे अक्सर गलत समझा गया है। इसमें कोई संदेह नहीं होना चाहिए कि मैं अपने देश को प्यार करता हूँ। लेकिन मैं इस देश के लोगों को यह भी साफ़ साफ़ बता देना चाहता हूँ कि मेरी एक और निष्ठा भी है जिस के लिए मैं प्रतिबद्ध हूँ। यह निष्ठा है अस्पृश्य समुदाय के प्रति जिसमे मैंने जन्म लिया है। ...जब कभी देश के हित और अस्पृश्यों के हित के बीच टकराव होगा तो मैं अस्पृश्यों के हित को तरजीह दूंगा। अगर कोई “आततायी बहुमत” देश के नाम पर बोलता है तो मैं उसका समर्थन नहीं करूँगा। मैं किसी पार्टी का समर्थन सिर्फ इसी लिए नहीं करूँगा कि वह पार्टी देश के नाम पर बोल रही है। ...सब मेरी भूमिका को समझ लें। मेरे अपने हित और देश के हित के साथ टकराव होगा तो मैं देश के हित को तरजीह दूंगा, लेकिन अगर देश के हित और दलित वर्गों के हित के साथ टकराव होगा तो मैं दलितों के हित को तरजीह दूंगा।”-बाबासाहेब आंबेडकर


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