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बीच सफ़हे की लड़ाई

अमिताभ का अलबम फिर से डाउनलोड करें (अगर पहला न सुन पा रहे हों तो)

Posted by Reyaz-ul-haque on 9/12/2007 12:15:00 PM

दोस्तों की शिकायत रही कि अमिताभ का अलबम डाउनलोड तो हो जा रहा है मगर प्ले नहीं हो पा रहा है. शायद फ़ाइल के फ़ार्मेट में कोइ समस्या थी, हालांकि मेरे यहां वही फ़ाइलें आसानी से चल रही थीं.
समस्या से निजात पाने के एक कोशिश की है मैंने. एक बार फिर पूरा अलबम अपलोड कर दिया है एमपी 3 फ़ार्मेट में. फिर से डाउनलोड करें, अनज़िप करें और सुनें.

अलबम यहां से डाउनलोड करें.

असुविधा के लिए खेद है.

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  1. 0 टिप्पणियां: Responses to “ अमिताभ का अलबम फिर से डाउनलोड करें (अगर पहला न सुन पा रहे हों तो) ”

सुनिए : ऐ भगत सिंह तू जिंदा है/कबीर कला मंच


बीच सफ़हे की लड़ाई


“मुझे अक्सर गलत समझा गया है। इसमें कोई संदेह नहीं होना चाहिए कि मैं अपने देश को प्यार करता हूँ। लेकिन मैं इस देश के लोगों को यह भी साफ़ साफ़ बता देना चाहता हूँ कि मेरी एक और निष्ठा भी है जिस के लिए मैं प्रतिबद्ध हूँ। यह निष्ठा है अस्पृश्य समुदाय के प्रति जिसमे मैंने जन्म लिया है। ...जब कभी देश के हित और अस्पृश्यों के हित के बीच टकराव होगा तो मैं अस्पृश्यों के हित को तरजीह दूंगा। अगर कोई “आततायी बहुमत” देश के नाम पर बोलता है तो मैं उसका समर्थन नहीं करूँगा। मैं किसी पार्टी का समर्थन सिर्फ इसी लिए नहीं करूँगा कि वह पार्टी देश के नाम पर बोल रही है। ...सब मेरी भूमिका को समझ लें। मेरे अपने हित और देश के हित के साथ टकराव होगा तो मैं देश के हित को तरजीह दूंगा, लेकिन अगर देश के हित और दलित वर्गों के हित के साथ टकराव होगा तो मैं दलितों के हित को तरजीह दूंगा।”-बाबासाहेब आंबेडकर


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