हाशिया

बीच सफ़हे की लड़ाई

क्या आप इसे पहचानते हैं

Posted by Reyaz-ul-haque on 3/18/2007 03:05:00 AM

















यह सिंगुर गांव की तापसी मलिक है. इसने अपनी ज़मीन टाटा को देने से मना कर दिया. इस युवती के साथ एक रात इसकी ज़मीन पर ही सीपीएम के लोगों ने बलात्कार किया और ज़िंदा जला दिया. आप सोचें कि आप इसके लिए क्या कर सकते थे. आप नंदीग्राम के लोगों के लिए क्या कर सकते हैं?

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  1. 2 टिप्पणियां: Responses to “ क्या आप इसे पहचानते हैं ”

  2. By Vikalp on March 20, 2007 at 11:45 AM

    आपके ब्‍लॉग से गुजरना बहुत मार्मिक अनुभव है

  3. By reyaz on March 21, 2007 at 2:51 AM

    हां, मगर कुछ लोगों का जीवन इससे भी मार्मिक है, जैसे तापसी का, नण्दीग्राम के लोगों का, खैरलांजी का.

सुनिए : ऐ भगत सिंह तू जिंदा है/कबीर कला मंच


बीच सफ़हे की लड़ाई


“मुझे अक्सर गलत समझा गया है। इसमें कोई संदेह नहीं होना चाहिए कि मैं अपने देश को प्यार करता हूँ। लेकिन मैं इस देश के लोगों को यह भी साफ़ साफ़ बता देना चाहता हूँ कि मेरी एक और निष्ठा भी है जिस के लिए मैं प्रतिबद्ध हूँ। यह निष्ठा है अस्पृश्य समुदाय के प्रति जिसमे मैंने जन्म लिया है। ...जब कभी देश के हित और अस्पृश्यों के हित के बीच टकराव होगा तो मैं अस्पृश्यों के हित को तरजीह दूंगा। अगर कोई “आततायी बहुमत” देश के नाम पर बोलता है तो मैं उसका समर्थन नहीं करूँगा। मैं किसी पार्टी का समर्थन सिर्फ इसी लिए नहीं करूँगा कि वह पार्टी देश के नाम पर बोल रही है। ...सब मेरी भूमिका को समझ लें। मेरे अपने हित और देश के हित के साथ टकराव होगा तो मैं देश के हित को तरजीह दूंगा, लेकिन अगर देश के हित और दलित वर्गों के हित के साथ टकराव होगा तो मैं दलितों के हित को तरजीह दूंगा।”-बाबासाहेब आंबेडकर


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